आज शुक्रवार, 22 मई को सुबह काम पर निकलने वाले आम आदमी के लिए फिलहाल राहत की खबर है। देशभर में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है और दाम पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, तेल वितरण कंपनियों (OMCs) की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह शांति ज्यादा दिनों तक टिकने की उम्मीद नहीं है, और आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है।
कंपनियों को रोजाना ₹750 करोड़ का भारी नुकसान भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की आर्थिक स्थिति इस वक्त काफी दबाव में है। कंपनियां फिलहाल पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर को उनकी वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इन कंपनियों को पहले रोजाना करीब 1,380 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था। हाल ही में ईंधन की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद यह दैनिक घाटा घटकर अब लगभग 750 करोड़ रुपये रह गया है। इस लगातार हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां कभी भी नई दरें लागू कर सकती हैं।
इस हफ्ते पहले ही बढ़ चुके हैं दाम आम जनता को इस हफ्ते की शुरुआत में ही महंगाई का झटका लग चुका है, जब पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। इस हालिया वृद्धि के बाद से देशभर में फ्यूल के रेट अपने रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं। यदि कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए एक बार फिर कीमतें बढ़ाती हैं, तो इसका सीधा असर माल ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ेगा