भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रदर्शन और फिटनेस स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बीसीसीआई ने इंग्लैंड के अनुभवी कोच निकोलस ली (Nicholas Lee) को टीम का नया स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच नियुक्त करने का फैसला किया है।
कब से संभालेंगे जिम्मेदारी?
निकोलस ली की नियुक्ति आगामी महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) के ठीक बाद प्रभावी होगी।
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WPL 2026 शेड्यूल: यह टूर्नामेंट 9 जनवरी से शुरू होकर 5 फरवरी तक चलेगा।
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ऑस्ट्रेलिया दौरा: डब्ल्यूपीएल खत्म होने के बाद भारतीय टीम 15 फरवरी से 9 मार्च तक ऑस्ट्रेलिया के चुनौतीपूर्ण दौरे पर रहेगी। ली इसी दौरे के साथ भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बन जाएंगे।
कौन हैं निकोलस ली? (प्रोफाइल और अनुभव)
निकोलस ली का अनुभव केवल ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह खुद खेल की बारीकियों को समझते हैं।
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पूर्व क्रिकेटर: ली स्वयं प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने 13 मैचों में 490 रन बनाए थे।
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अंतरराष्ट्रीय अनुभव: * अफगानिस्तान: जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक अफगानिस्तान टीम के साथ जुड़े रहे।
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काउंटी क्रिकेट: उन्होंने ससेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब में लगभग 6 वर्षों तक अपनी सेवाएँ दी हैं। हाल ही में वह आईएलटी20 (ILT20) में गल्फ जायंट्स के साथ काम कर रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए क्यों हैं महत्वपूर्ण?
ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर तेज गति और उछाल का सामना करने के लिए खिलाड़ियों का शारीरिक रूप से बेहद फिट होना अनिवार्य है। भारतीय महिला टीम अक्सर बड़े टूर्नामेंटों के नॉकआउट मैचों में थकान और फिटनेस की वजह से पिछड़ती देखी गई है।
निकोलस ली की नियुक्ति के फायदे:
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रिकवरी मैनेजमेंट: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार मैचों के बीच खिलाड़ियों की मांसपेशियों की रिकवरी में मदद मिलेगी।
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चोट की रोकथाम: ली की विशेषज्ञता से खिलाड़ियों के इंजरी रेट में कमी आने की उम्मीद है।
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एलीट ट्रेनिंग: एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी से स्नातक ली आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से टीम की ताकत बढ़ाने पर काम करेंगे।
निष्कर्ष
बीसीसीआई का यह फैसला दर्शाता है कि बोर्ड महिला क्रिकेट को पुरुष क्रिकेट के समान ही पेशेवर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। निकोलस ली के आने से स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा जैसी खिलाड़ियों की विस्फोटक क्षमता और फिटनेस में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।